किराया रसीद जनरेटर

नौकरी करते हैं और किराया देते हैं? HRA टैक्स छूट के लिए आपका नियोक्ता किराया रसीद मांगता है। सभी महीनों की रसीदें एक बार में बनाएं और PDF प्रिंट करें।

🔒 फाइलें आपके डिवाइस से बाहर नहीं जातीं

प्रिंट स्क्रीन में प्रिंटर के रूप में "Save as PDF" चुनें, PDF फाइल मिल जाएगी।

कैसे इस्तेमाल करें

  1. अपना नाम, मकान मालिक का नाम और PAN, और किराया लिखें।
  2. पहला और आखिरी महीना चुनें। हर महीने की एक रसीद बनेगी।
  3. भुगतान का तरीका और तारीख चुनें।
  4. PDF डाउनलोड / प्रिंट दबाएं, फिर मकान मालिक से रसीदों पर हस्ताक्षर करवाएं।

HRA के लिए रसीद में क्या होना चाहिए

  • किरायेदार और मकान मालिक का नाम, किराये के मकान का पता और किराये की राशि।
  • किस महीने का किराया है, और भुगतान की तारीख और तरीका।
  • मकान मालिक के हस्ताक्षर। ₹5,000 से ज्यादा नकद भुगतान पर मकान मालिक के हस्ताक्षर वाला रेवेन्यू स्टांप।
  • साल में किराया ₹1 लाख से ज्यादा हो तो मकान मालिक का PAN।

जानने योग्य बातें

  • HRA छूट सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था (old regime) में मिलती है।
  • UPI या बैंक ट्रांसफर से भुगतान करने पर रिकॉर्ड रहता है जो आपके क्लेम को मजबूत करता है।
  • पति या पत्नी को दिए किराये पर HRA नहीं मिलता। माता-पिता को किराया दे सकते हैं अगर मकान उनका है और वे यह आय अपने टैक्स रिटर्न में दिखाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कितनी रसीदें चाहिए?

आमतौर पर हर महीने की एक। कई नियोक्ता तिमाही रसीद भी लेते हैं। यह टूल आपके चुने हर महीने की एक रसीद बनाता है, 24 तक।

क्या रेवेन्यू स्टांप जरूरी है?

₹5,000 से ज्यादा नकद भुगतान की रसीद पर रेवेन्यू स्टांप जरूरी है। UPI या बैंक भुगतान पर जरूरी नहीं, पर कुछ नियोक्ता फिर भी मांगते हैं।

मकान मालिक के पास PAN नहीं है तो?

अगर सालाना किराया ₹1 लाख से ज्यादा है, तो मकान मालिक को नाम और पते के साथ लिखित घोषणा देनी होगी कि उनके पास PAN नहीं है।

क्या मेरी जानकारी सेव होती है?

सिर्फ इसी फोन में, ताकि अगले साल जल्दी नई रसीदें बना सकें। हमें कुछ नहीं भेजा जाता।